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कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों पर नये वेरियेंट का कम पड़ेगा प्रभाव -covid-tika






- जिला स्वास्थ्य समिति ने की अनिवार्य रूप से लोगों को वैक्सीन लेने की अपील
- संक्रमण की संभावना को कम करने के लिये मास्क लगाने और शरीरिक दूरी बनाने की दी नसीहत

बक्सर: कोरोना वायरस के नये वेरियेंट का प्रसार अब देश के अन्य राज्यों में तेजी से देखने को मिल रहा है। जिसको देखते हुये राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में लगातार वैक्सीनेशन के महाअभियान चलाये जा रहे हैं। ताकि, जल्द से जल्द निर्धारित उम्र वर्ग के लोगों को टीकाकृत किया जा सके। 18 दिसंबर को एक बार फिर से व्यापक स्तर पर वैक्सीनेशन के लिये महाअभियान चलाया जाने वाला है। जिसको लेकर फ्रंटलाइन वर्कर्स अभी से लोगों को जागरूक व प्रेरित करने में लगे हुये हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर से कोई कमी छोड़ना चाहता है। वहीं, कोरोना के नये वैरियेंट ओमिक्रोन की संभावना को देखते हुये वैक्सीन से वंचित लोग स्वयं आगे आकर टीके का डोज लेने लगे हैं। 
बड़ी आबादी में विकसित हुई है हाईब्रिड इम्यूनिटी :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, दूसरी लहर के बाद भारत में अब एक बड़ी आबादी में हर्ड इम्यूनिटी या हर्ड प्रतिरक्षा विकसित हो गई। हर्ड इम्यूनिटी से आशय ऐसे लोगों से है, जिनको कोविड वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है और वे संक्रमित भी हो चुके हैं। कई देशों में हुये शोधों में यह भी पता चला है कि इस तरह की प्रतिरक्षा कोविड संक्रमण के प्रति अधिक मजबूत सुरक्षा प्रदान करती है। दूसरी ओर, जो लोग कोविड संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और उसके बाद उन्होंने कोरोना वैक्सीन की एक डोज भी ली है, तो उनमें भी संक्रमण के खिलाफ एक बेहतर स्तर की इम्यूनिटी का विकास हुआ है। इसलिये यह संभावना जताई जा रही है कि वैक्सीन ले चुके लोगों में मौजूद हर्ड इम्यूनिटी वायरस की वजह से होने वाले गंभीर खतरे जैसे कि नये म्यूटेंट ओमिक्रॉन से भी बचा सकती है।
ओमिक्रोन के अब तक पाए है कई सामान्य लक्षण :
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सार्स-कोव-2 का नया वेरिएंट एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। जो लोग पहले भी कोविड की चपेट में आ चुके हैं या वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी हैं, उनमें संक्रमण का जोखिम बना हुआ है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि डेल्टा वेरियेंट की तुलना में यह बीमारी मामूली होगी। कोविड-19 का अब तक का सबसे आम लक्षण है सुगंध और स्वाद का महसूस न होना। जिसको भी यह दो लक्षण दिखे, समझ लें उसे कोविड-19 संक्रमण है। हालांकि, नये शोधों के अनुसार यह लक्षण ओमिक्रोन से संक्रमित लोगों में आम नहीं है। इसके अलावा जिन लोगों को तेज़ बुखार आ भी रहा है, वो अपने आप ठीक भी हो रहा है। साथ ही, नाक बंद, नाक बहना, कंजेशन जैसे लक्षण भी नहीं देखे जा रहे हैं, जो पुराने स्ट्रेन में आम थे।
अपने हिस्से की जिम्मेदारी को पूरा करें लोग :
डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, हल्का बुखार, बहुत ज़्यादा बदन दर्द, कमज़ोरी, गले में ख़राश की जगह गले में खुजली और रात में पसीना आना ओमिक्रोन के बाकि के लक्षण हैं। इसके अलावा, कोविड-19 सामान्य रूप से श्वसन प्रणाली पर हमला करता है, ऊपरी और निचले दोनों। जिसमें गंभीर संक्रमण से लगातार सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और रक्त ऑक्सीजन के स्तर का कम होना शामिल है, जिस पर फौरन ध्यान देने की ज़रूरत होती है। उन्होंने बताया, सरकार लगातार लोगों को सतर्क और सावधानी बरतने के लिये नये-नये गाइडलाइन जारी कर रही है। लोग अपने हिस्से की जिम्मेदारी को पूरा कर सरकार की मदद कर सकते हैं। जिन लोगों ने अब किन्हीं कारणों से वैक्सीन नहीं लिया है, वो अनिवार्य रूप से वैक्सीन लें और कोरोना के सामान्य प्रोटोकॉल्स का पालन करें।


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