बक्सर । गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बक्सर में गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर 59.76 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से 0.44 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि, जलस्तर अभी खतरे के निशान 60.32 मीटर से नीचे है।
रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बक्सर में खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्ष 1948 में यहां गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 62.09 मीटर दर्ज किया गया था।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी, बक्सर ने संबंधित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की होगी 24×7 निगरानी
जिला प्रशासन के निर्देश पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल एवं जल संसाधन विभाग की टीमों को सभी संवेदनशील तटबंधों, बांधों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की 24 घंटे लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विशेष रूप से बक्सर, चौसा, सिमरी, चक्की एवं ब्रह्मपुर प्रखंड के निचले और दियारा क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
एसडीआरएफ और गोताखोर भी अलर्ट पर
संभावित राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर एसडीआरएफ की टीमों तथा स्थानीय गोताखोरों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर सरकारी एवं निजी नावों के परिचालन के लिए संबंधित अंचलाधिकारियों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जहां से प्रति घंटे गंगा के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
नदी किनारे और गहरे पानी में जाने से बचें
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों, विशेषकर बच्चों एवं बुजुर्गों से गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा तटबंधों के समीप अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है।
गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं से भी गहरे पानी में नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाह पर ध्यान नहीं देने और केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि आम जनमानस की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
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