Ad Code

आर्या एकेडमी का 30वां वार्षिकोत्सव संपन्न, 31 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान



बक्सर । शहर स्थित आर्या एकेडमी का 30वां वार्षिकोत्सव समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यालय के 31 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों की भी सहभागिता रही।



समारोह को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. अरुण मोहन भारवि ने कहा कि जीवन में मिलने वाली ठोकरें व्यक्ति को संभलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा, “जो ठोकर लगने पर भी न संभले वह मूर्ख है, जो ठोकर लगने पर सजग हो जाए वह समझदार है, और जो दूसरे को ठोकर लगते देख संभल जाए वही बुद्धिमान कहलाता है।” उनके प्रेरणादायक विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या नीलम भारवि ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति सजग रहने और सतत प्रयासरत रहने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश के भविष्य का निर्माण करेंगे, इसलिए उन्हें सही दिशा और संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है।






मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कवि शिव बहादुर पांडेय ‘प्रीतम’ ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के समग्र विकास में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि बच्चे दिन के 24 घंटों में केवल लगभग पांच घंटे विद्यालय में रहते हैं, जबकि शेष समय अभिभावकों के साथ बिताते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

इस अवसर पर श्रीमती अमिता, तन्नू सिन्हा, श्वेता कुमारी और अंशु कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और संस्कार के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का समापन बच्चों के बीच टॉफी वितरण के साथ हर्षोल्लास के वातावरण में हुआ।








................. ................. ............... ..............
Send us news at: buxaronlinenews@gmail.com
ख़बरें भेजें और हम पहुंचाएंगे, 
आपकी खबर को सही जगह तक...





 




Post a Comment

0 Comments

Close Menu