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बक्सर के तत्कालीन सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के प्रयासों से साकार हुआ सपना; इटाढ़ी-चौसा ROB से बक्सर को जाम से राहत, विकास की बदली तस्वीर


रिपोर्ट- गुलशन सिंह

बक्सर । जिले के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाली इटाढ़ी और चौसा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाएं अब मूर्त रूप ले चुकी हैं। वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे बक्सरवासियों को इन परियोजनाओं के पूरा होने से बड़ी राहत मिली है। स्थानीय लोग इस परिवर्तन का श्रेय तत्कालीन सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे को दे रहे हैं, जिनकी पहल और प्रयासों से ये बहुप्रतीक्षित योजनाएं धरातल पर उतरीं।

माघ पूर्णिमा (16 फरवरी 2022) के शुभ अवसर पर इटाढ़ी ROB का भूमि पूजन किया गया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव अश्विनी चौबे के नेतृत्व में रखी गई थी। उस समय कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जो इस बात का संकेत था कि यह परियोजना बक्सर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।


इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग (एलसी नंबर 70बी) पर बने ROB की कुल लागत लगभग 76 करोड़ रुपये है। इसमें रेलवे द्वारा पुल के ऊपरी हिस्से के निर्माण पर करीब 17.40 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि राज्य सरकार ने एप्रोच पथ के निर्माण पर लगभग 59 करोड़ रुपये की राशि लगाई। आज पुल का ढांचा लगभग पूरी तरह तैयार है और दोनों छोर मुख्य सड़कों से जुड़ चुके हैं। हालांकि, संपर्क पथ के कालीकरण का कार्य अभी शेष है, लेकिन इसके बावजूद छोटे वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है।

इधर, चौसा ROB के एप्रोच पथ का निर्माण भी पूर्णता की ओर है। बक्सर-कोचस स्टेट हाईवे पर स्थित चौसा रेलवे गुमटी (78ए) पर रेलवे ने अपने हिस्से का काम पहले ही पूरा कर लिया था, लेकिन तकनीकी अड़चनों के कारण एप्रोच रोड का कार्य लंबित था। बाद में सभी बाधाओं को दूर कर लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया गया।

इन दोनों परियोजनाओं के चालू होने से बक्सर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी सीधा लाभ मिल रहा है। स्टेशन, बाइपास और मुख्य सड़कों तक पहुंच अब आसान और तेज हो गई है। वर्षों से लगने वाले जाम से राहत मिलने के कारण लोगों के समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है।




स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अश्विनी चौबे के प्रयासों से ही ये योजनाएं फाइलों से निकलकर जमीन पर उतर सकीं। उनका मानना है कि यह केवल पुल का निर्माण नहीं, बल्कि बक्सर के विकास की नई दिशा है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन मई के अंत तक दोनों ROB को पूरी तरह आम जनता के लिए खोलने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, लोग आंशिक रूप से इनका उपयोग कर रहे हैं, जो इनकी उपयोगिता और जरूरत को साफ दर्शाता है।

कुल मिलाकर, इटाढ़ी और चौसा ROB परियोजनाएं बक्सर के लिए मील का पत्थर साबित हो रही हैं, और इसके पीछे पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की दूरदर्शिता और सक्रिय भूमिका को लोग लंबे समय तक याद करेंगे।






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