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बक्सर के तीर्थ विकास पर राज्यसभा में उठी आवाज, जिले के अधिवक्ताओं ने जताई खुशी


बक्सर । बक्सर के ऐतिहासिक और पौराणिक तीर्थ स्थलों के समग्र विकास का मुद्दा राज्यसभा में उठाए जाने के बाद जिला अधिवक्ता संघ में उत्साह का माहौल है। राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा द्वारा सदन में बक्सर के विकास की मांग किए जाने पर अधिवक्ताओं ने इसे जिले के लिए सकारात्मक पहल बताया है।

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा ने कहा कि बक्सर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से अधिवक्ता और सामाजिक लोग तीर्थ क्षेत्र के विकास की मांग कर रहे थे, जिसे अब संसद में आवाज मिली है।



महासचिव बिंदेश्वरी पांडेय ने कहा कि बक्सर के रामरेखा घाट से लेकर सिद्धाश्रम तक धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अपार महत्व है। यदि केंद्र और राज्य सरकार समन्वय बनाकर आधारभूत संरचना, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का विकास करे तो बक्सर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। अधिवक्ता शिवजी राय, धीरज ठाकुर, तेजप्रताप सिंह छोटे और अमित यादव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि बक्सर का समग्र विकास समय की मांग है और इसके लिए विशेष केंद्रीय योजना बनाई जानी चाहिए। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि संसद में मुद्दा उठने के बाद सरकार इस दिशा में ठोस पहल करेगी, जिससे बक्सर की धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।





अपने संबोधन में राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा ने रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, रामेश्वर मंदिर, वामन अवतार स्थल, नाथ बाबा मंदिर तथा रामेश्वर स्थान मंदिर सहित कई प्रमुख स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों और ऐतिहासिक स्रोतों में वर्णित ये स्थल देश के प्रमुख तीर्थों की तरह विकसित किए जाने की क्षमता रखते हैं।

सांसद ने तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार अयोध्या, काशी, उज्जैन और द्वारिका का धार्मिक पर्यटन के रूप में व्यापक विकास हुआ है, उसी तरह बक्सर को भी विकसित किया जा सकता है।

सांसद मनन मिश्रा ने सरकार से यह भी पूछा कि बक्सर में पर्यटन आधारित विकास, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को लेकर केंद्र सरकार की कौन-कौन सी योजनाएं प्रस्तावित या संचालित हैं। उन्होंने कहा कि यदि बक्सर के तीर्थ स्थलों का समुचित विकास किया जाता है तो इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।








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