बक्सर । एम.वी. कॉलेज, बक्सर में अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति और जातीय भेदभाव से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं को लेकर छात्र नेता तुषार विजेता ने बिहार के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय स्तर पर नियमों की अनदेखी करते हुए वर्षों से अनियमित कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के स्पष्ट नियमों के बावजूद ऐसे कर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति दी गई, जिनके मामले प्रथम दृष्टया नियमों के विपरीत प्रतीत होते हैं। छात्र नेता ने लेखापाल चिन्मय प्रकाश झा की नियुक्ति और पदोन्नति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पिता के सेवा काल में कॉलेज सरकारी नहीं था, इसके बावजूद अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई और बाद में नियमों को दरकिनार कर पदोन्नति भी प्रदान कर दी गई।
इसके अलावा शिवम भरद्वाराज के मामले को भी गंभीर बताते हुए कहा गया कि उन्हें चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति के बाद मात्र एक वर्ष के भीतर तीन बार पदोन्नति दी गई, जो नियमों के विपरीत है। वहीं, इसी कॉलेज में 16 वर्षों से कार्यरत आदेशपाल हरिगोविंद यादव को पदोन्नति से वंचित रखा जाना जातीय भेदभाव की ओर संकेत करता है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि श्री शिवम भरद्वाराज ने नौकरी में रहते हुए बिना निर्धारित अवैतनिक अवकाश के पीएचडी का कोर्सवर्क पूरा किया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वहीं, टुनटुन मिश्रा के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को भी संदिग्ध बताते हुए उनके सभी प्रमाण पत्रों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
छात्र नेता तुषार विजेता ने राज्यपाल से मांग की है कि एम.वी. कॉलेज, बक्सर में हुई सभी अनुकंपा नियुक्तियों और पदोन्नतियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो तथा योग्य और वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें राजभवन से होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
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