बक्सर । शहर के बाजार समिति रोड पर स्कॉर्पियो की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए ई-रिक्शा चालक दीपक गुप्ता जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए तत्काल आईसीयू में शिफ्ट करने की सलाह दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उन्हें आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं हो सका है।
परिजनों का आरोप है कि इस मामले में स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह और सदर विधायक आनंद मिश्र से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा आईसीयू में भर्ती कराने का आश्वासन जरूर दिया गया, पर जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
दीपक के पिता दीनानाथ गुप्ता सिद्धनाथ घाट रोड पर ठेला लगाकर फल बेचते हैं। इसी सीमित आमदनी से पूरे परिवार का भरण-पोषण होता है। बेटे की गंभीर हालत ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। पिता की तबीयत भी लगातार बिगड़ती जा रही है, जबकि मां इलाज की आस में अस्पताल के बाहर घंटों टकटकी लगाए रहती हैं। दीपक परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी दो बहनें हैं। छोटी बहन खुशी कुमारी वाराणसी में भाई के इलाज के लिए दर-दर भटक रही है।
इस कठिन समय में मोहल्लेवासी परिवार के साथ खड़े हैं। पड़ोसी एवं अल्मा कंप्यूटर केंद्र के निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि स्थानीय लोग आपस में चंदा जुटाकर किसी तरह इलाज का खर्च उठाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता शशिकांत उपाध्याय उर्फ सरोज उपाध्याय ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप कर घायल युवक को समुचित इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिवार और मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब सरकार आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को बेहतर इलाज का भरोसा देती है और जनप्रतिनिधि जनता के हितों की बात करते हैं, तो फिर एक गंभीर रूप से घायल गरीब युवक को समय पर आईसीयू बेड क्यों नहीं मिल पा रहा है। यह सवाल अब प्रशासनिक व्यवस्था पर भी खड़े हो रहे हैं।
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