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रघुनाथपुर के तुलसी आश्रम में राजकीय तुलसी महोत्सव की अनुशंसा, बीडीओ ने भेजी सकारात्मक रिपोर्ट



ब्रह्मपुर । बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के तुलसी आश्रम में विश्वामित्र महोत्सव की तर्ज पर राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित किए जाने की मांग को नई मजबूती मिली है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (ब्रह्मपुर) ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरांव एवं जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, बक्सर को सकारात्मक अनुशंसा भेजी है।

जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि रघुनाथपुर का तुलसी आश्रम धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यताओं और उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार यह स्थल गोस्वामी तुलसीदास की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित शाहाबाद गजेटियर में भी तुलसीदास के रघुनाथपुर प्रवास का उल्लेख मिलता है। जनश्रुतियों के अनुसार उन्होंने यहां प्रवास के दौरान रामचरितमानस के उत्तरकांड के कुछ अंशों की रचना की थी तथा इसी स्थान का नाम रघुनाथपुर रखा था।



रिपोर्ट के अनुसार आश्रम परिसर में गोस्वामी तुलसीदास के नाम से दर्ज लगभग 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है। यहां स्थित राम-जानकी मंदिर, तुलसीदास मंदिर, भुईजबरा मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। प्रतिवर्ष रामनवमी, सावन माह की गंगा महाआरती और तुलसी जयंती के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय तुलसी महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग शामिल होते हैं।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि राजकीय स्तर पर तुलसी महोत्सव आयोजित होने से धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। गोस्वामी तुलसीदास की स्मृतियों से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, परिवहन, होटल व्यवसाय, लघु उद्योग और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आश्रम परिसर में उपलब्ध चार एकड़ से अधिक भूमि इस प्रकार के राजकीय आयोजन के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त है।





उल्लेखनीय है कि पर्यटन विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी बक्सर, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरांव ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, ब्रह्मपुर से तुलसी आश्रम के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व, भूमि स्वामित्व, स्थल के नक्शे, रखरखाव तथा पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा भेजी गई सकारात्मक जांच रिपोर्ट रघुनाथपुर स्थित तुलसी आश्रम को राजकीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बिहार सरकार से प्रतिवेदन की अनुशंसाओं पर शीघ्र निर्णय लेते हुए रघुनाथपुर में राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित करने की स्वीकृति देने की मांग की, ताकि गोस्वामी तुलसीदास की तपोभूमि को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान मिल सके और बक्सर धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान स्थापित कर सके।






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