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मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर लैंडिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, बक्सर नगर परिषद के ईओ निलंबित


बक्सर । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर दौरे के दौरान हुई प्रशासनिक चूक के मामले में नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने यह कार्रवाई किला मैदान में मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं करने तथा धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं कराने के आरोप में की है।




जानकारी के अनुसार, 23 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर बक्सर के ऐतिहासिक किला मैदान में उतरना था। प्रशासन द्वारा वहां हेलीपैड का निर्माण कराया गया था, लेकिन लैंडिंग से पूर्व मैदान में पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण हेलीकॉप्टर के नीचे आते ही भारी मात्रा में धूल का गुबार उठने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पायलट को हेलीकॉप्टर उतारने के लिए तीन से चार बार प्रयास करना पड़ा, लेकिन धूल के कारण दृश्यता प्रभावित होने से सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं हो सकी। इसके बाद प्रशासन ने हेलीकॉप्टर को नई बाजार स्थित हवाई अड्डे पर उतारने का निर्णय लिया।

घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी साहिला ने अपर समाहर्ता (एडीएम) अरुण कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि हेलीपैड स्थल पर धूल नियंत्रण और अन्य आवश्यक तैयारियों के लिए नगर परिषद की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए थे। जांच रिपोर्ट में कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक की लापरवाही उजागर होने के बाद विभाग ने उनके विरुद्ध कार्रवाई की।







नगर विकास एवं आवास विभाग के अवर सचिव परमानंद पांडेय द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम जैसे अति महत्वपूर्ण आयोजन में अपेक्षित प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया गया, जिससे सरकार और प्रशासन की छवि प्रभावित हुई। आदेश के तहत कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम कार्यालय निर्धारित किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा अभी समाप्त नहीं हुआ है और अन्य विभागों के कुछ अधिकारी एवं कर्मी भी जांच के घेरे में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और प्रशासनिक कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुई इस चूक के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। सरकार की ओर से इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें जांच के अगले चरण पर टिकी हैं कि इस मामले में और किन अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरती है।







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