बक्सर । Private Schools and Children Welfare Association (PSACWA), बक्सर के तत्वावधान में गुरुवार को शहर के बस स्टैंड के सामने स्थित वैष्णवी होटल में "शिक्षा संवाद कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिले के निबंधित, गैर-निबंधित एवं संबद्धता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधक और प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता PSACWA के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप पाठक ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संवाद का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर निजी विद्यालयों के प्रति नकारात्मक माहौल बनाया गया, लेकिन विद्यालयों ने संयम और गरिमा बनाए रखी।
डॉ. पाठक ने कहा कि बिहार में शिक्षा की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। राज्य की साक्षरता दर लगभग 70 प्रतिशत है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने निजी विद्यालयों को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए सरकार से उन्हें अधिक स्वतंत्रता और सहयोग देने की मांग की।
संवाद कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रदीप पाठक एवं बाल विकास केंद्र के निदेशक सतीश चंद्र त्रिपाठी तथा रेडिएंट पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल जयप्रकाश सिंह उर्फ राजेश सिंह ने शिक्षा मंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दे रखे। इनमें नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में पोर्टल एंट्री एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान, आरटीई के तहत पढ़ाए गए बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि का शीघ्र भुगतान, आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं तर्कसंगत सुधार तथा जिला प्रशासन द्वारा निजी विद्यालयों से संबंधित दिशा-निर्देशों में PSACWA की सलाहकारी भूमिका सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
बिहार सेंट्रल स्कूल के सचिव सरोज सिंह ने आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि कई बार प्रशासनिक निर्णय अचानक लागू कर दिए जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों, विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम का संचालन भारत प्रसाद ने किया। उन्होंने सभी विद्यालय संचालकों से संगठन की बैठकों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को शॉल, बुके, पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित विद्यालय संचालकों ने शिक्षा विभाग और निजी विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया।
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