वाराणसी । महामनापुरी कॉलोनी स्थित महालक्ष्मी इंटरप्राइज लेन नं. 10, हैदराबाद गेट में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा का आयोजन दृगा इंफ्रासिटी प्रा.लि. एवं वैभव लक्ष्मी एसोसिएट लिमिटेड के तत्वावधान में 9 से 16 मार्च 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जा रहा है। कथा का वाचन वृंदावन धाम से पधारे पूज्य आचार्य श्रीगोविंद दूधे महाराज द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम के व्यवस्थापक अमित पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि परम पूज्य बाबा गोविंद जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित कथा के तीसरे दिन भक्तों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। इस दौरान महाराज श्री ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा के दौरान उन्होंने कपिल-देवहूति संवाद और सती चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं और सच्चे मन से की गई भक्ति ही मनुष्य को ईश्वर के करीब ले जाती है।
महाराज श्री ने ध्रुव चरित्र का उल्लेख करते हुए बताया कि बालक ध्रुव की अटूट श्रद्धा और कठोर तपस्या से यह सिद्ध होता है कि दृढ़ संकल्प और सच्ची आस्था से ईश्वर को भी प्रकट होना पड़ता है। वहीं भक्त प्रह्लाद के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि परमात्मा हर कण में विद्यमान हैं, बस उन्हें देखने और पुकारने वाली श्रद्धा की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, “भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि इसे जीवन में उतारना ही सच्ची साधना है। जब तक मनुष्य अहंकार का त्याग नहीं करता, तब तक ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है।”
कथा के दौरान भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरे पंडाल में “राधे-राधे” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में जड़ भरत चरित्र और नृसिंह अवतार से जुड़ी विशेष झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।
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