पटना । गुरुवार को लोकभवन, पटना में युवा जदयू के प्रदेश महासचिव संदीप ठाकुर ने महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ़ मोहम्मद खान से मुलाकात कर बिहार में उच्च शिक्षा के अंतर्गत पोस्ट-डॉक्टोरल शोध को बढ़ावा देने हेतु ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में सुदृढ़ एवं संरचित पोस्ट-डॉक्टोरल (पीएचडी के बाद) शोध व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई है।
संदीप ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, किंतु बिहार के अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध की कोई संस्थागत या स्पष्ट नीति नहीं है। इसके कारण प्रतिभाशाली शोधार्थियों का अन्य राज्यों की ओर पलायन हो रहा है, जिससे राज्य में प्रतिभा पलायन की समस्या बढ़ रही है।
उन्होंने विशेष रूप से वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थापना के बाद अब तक वहां केवल एक ही पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कार्य हुआ है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में भी स्पष्ट नियमावली के अभाव में इस दिशा में कार्य नहीं हो पा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि देश के अग्रणी केंद्रीय संस्थानों में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध को उच्च स्तरीय प्रकाशनों, नवाचार, पेटेंट और नीति-निर्माण का आधार माना जाता है। यदि बिहार में एकीकृत पोस्ट-डॉक्टोरल नीति लागू की जाती है तो उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान में वृद्धि, युवा शोधकर्ताओं का सशक्तिकरण, विश्वविद्यालयों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा में सुधार तथा उद्योग-शिक्षा-समाज के बीच बेहतर समन्वय संभव होगा। इससे बिहार को अनुसंधान एवं नवाचार का उभरता केंद्र बनाया जा सकेगा।
प्रदेश महासचिव सह प्रभारी रोहतास संदीप ठाकुर ने राज्यपाल से आग्रह किया कि राज्य विश्वविद्यालयों के लिए पोस्ट-डॉक्टोरल नीति शीघ्र अधिसूचित की जाए और पारदर्शी व गुणवत्ता-आधारित चयन प्रक्रिया लागू की जाए। उन्होंने कहा कि महामहिम की दूरदर्शी पहल से बिहार उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन संभव है, जो राज्य के युवाओं को नई दिशा देगा।
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