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खैतान पब्लिक स्कूल में बक्सर के लेखक रोहित दुबे ने पढ़ने की आदतों पर रखे विचार



बक्सर/गाजियाबाद । बक्सर शहर के चरित्रवन स्थित श्रीकृष्ण नगर कॉलोनी निवासी स्वर्गीय डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र, लेखक एवं इंजीनियर रोहित दुबे ने भारत के शीर्ष 70 स्कूलों में शामिल खैतान पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद में आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल में पैनल चर्चा के दौरान पढ़ने की आदतों पर अपने विचार रखे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था।




पैनल चर्चा में रोहित दुबे ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों की पढ़ने की आदतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इसका प्रमुख कारण मोबाइल फोन और डिजिटल माध्यमों का अत्यधिक उपयोग है, विशेषकर रील्स और छोटे वीडियो, जो बच्चों और युवाओं की एकाग्रता तथा धैर्य को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका असंतुलित और अनुचित उपयोग छात्रों को पुस्तकों से दूर कर रहा है।

उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों को पढ़ने को दबाव या बाध्यता के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय इसे रोचक और आनंददायक बनाना चाहिए। छोटी-छोटी अध्यायों वाली किताबें, कहानी आधारित सामग्री और सामूहिक चर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित की जा सकती है। रोहित दुबे ने कहा कि किताबें केवल जानकारी का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे सोचने की क्षमता, आत्मअनुशासन और जीवन मूल्यों के विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं।





लिटरेचर फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में भी रोहित दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रसिद्ध थिएटर प्रोड्यूसर वसिष्ठ उपाध्याय भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने छात्रों को उनकी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए और उन्हें पढ़ने, रचनात्मक सोच तथा आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि यह रोहित दुबे का इस वर्ष चौथा प्रमुख साहित्यिक कार्यक्रम रहा। इससे पूर्व वे नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में पैनल चर्चा, प्रभात प्रकाशन के साथ पुस्तक विमोचन तथा बनारस लिट फेस्टिवल में पुस्तक चर्चा कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं। विभिन्न साहित्यिक मंचों पर उनकी सक्रिय भागीदारी शिक्षा और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति उनके निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।

इस अवसर पर खैतान पब्लिक स्कूल प्रशासन ने कहा कि ऐसे साहित्यिक और वैचारिक कार्यक्रम छात्रों को पुस्तकों से जोड़ने और उनकी सोच को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








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