बक्सर । दहेज उत्पीड़न के एक मामले में न्यायालय द्वारा जारी अजमानतीय वारंट के बावजूद अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने का मामला सामने आया है। इसको लेकर पीड़िता अंजू देवी ने पुलिस अधीक्षक, बक्सर से न्याय की गुहार लगाई है। मामला सिमरी थाना अंतर्गत तिलक राय के हाता ओपी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां वर्ष 2019 में दहेज प्रताड़ना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि उन्होंने अपने पति जितेन्द्र राम एवं सास राधिका देवी(निवासी- ग्राम- आमसारी ,थाना- मुरार) के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में अभियुक्त जितेन्द्र राम को जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वह सूचिका को सम्मानपूर्वक अपने साथ रखेगा। लेकिन जमानत की शर्तों का उल्लंघन किए जाने पर 25 मई 2023 को न्यायालय ने उसका बंध पत्र खंडित कर दिया और उसके विरुद्ध अजमानतीय वारंट जारी कर संबंधित थाना को भेजा गया।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वारंट की तामिला नहीं होने पर 18 अगस्त 2023 को न्यायालय द्वारा तामिला प्रतिवेदन की मांग की गई थी, लेकिन अब तक न तो अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई और न ही तामिला प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पीड़िता का आरोप है कि अभियुक्त खुलेआम घूम रहा है और उसे लगातार धमकियां भी दे रहा है।
पीड़िता ने यह भी बताया है कि उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी विकलांग है। इसके बावजूद उसे मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभियुक्त ने कानून के विरुद्ध दूसरी शादी कर ली है तथा वह निर्वाचित भूतपूर्व बीडीसी रह चुका है, जिससे स्थानीय स्तर पर उसका प्रभाव बना हुआ है और पुलिस कार्रवाई प्रभावित हो रही है।
इस संबंध में तिलक राय हाता ओपी प्रभारी ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है और तथ्यों की जांच के उपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता के अधिवक्ता अशोक राय ने कहा कि न्यायालय से अजमानतीय वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी न होना गंभीर विषय है, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
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