बक्सर । औद्योगिक क्षेत्र स्थित मां काली मंदिर की 23वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। श्रीधाम अयोध्या से पधारीं कथा वाचिका सुश्री किशोरी प्रज्ञा पाण्डेय ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के नामकरण संस्कार, तत्पश्चात शिक्षा-दीक्षा हेतु गुरुकुल गमन का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद महामुनि विश्वामित्र के साथ श्रीराम-लक्ष्मण के बक्सर आगमन, निर्विघ्न यज्ञ संपन्न कराना, अहिल्या उद्धार तथा जनकपुर में प्रवेश से लेकर धनुष यज्ञ तक की कथा का सजीव चित्रण किया गया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
कथा प्रसंग अत्यंत आकर्षक और भावविभोर करने वाला रहा।
कथा श्रवण के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जैसे-जैसे कथा के विश्राम का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। कथा को संगीतमय बनाने में तबला वादक दिनेश कुमार उर्फ भुवाली (डिहरी-भईसड़ा, रोहतास), नाल वादक उमाशंकर (कचईनिया) एवं बैंजो वादक छठू लाल लहरी (मुंगाव) सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुति सराहनीय रही।
कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। कार्यक्रम का समापन 13 जनवरी मंगलवार को होगा, जबकि 14 जनवरी बुधवार को पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन आचार्य सत्येंद्र तिवारी उर्फ सोनू बाबा के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। चौथे दिन व्यासपीठ पर जजमान की भूमिका बैद्यनाथ मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा ने निभाई।
आयोजन को सफल बनाने में गुंजन पाण्डेय, अजीत गुप्ता, विनोद सिंह, आशीष सिंह उर्फ जट्टा सिंह, विनीत सिंह (बांध रोड), धन्जी सिंह, अनिल तिवारी, मुन्ना सिंह, चूमन राय, सुप्रसिद्ध तबला वादक ललन मिश्रा, भानू बाबा, चंदन पाण्डेय, संतोष चौबे, सुशील राय सहित अनेक लोगों का सहयोग सराहनीय रहा।
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