बक्सर । औद्योगिक क्षेत्र स्थित मां काली मंदिर की 23वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के दूसरे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीधाम अयोध्या से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचिका सुश्री किशोरी प्रज्ञा पांडे ने श्रद्धालु श्रोताओं के बीच शिव विवाह की मनोहारी कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान उन्होंने शिव विवाह प्रसंग के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण संदेशों को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया।
कथावाचिका ने बताया कि माता-पिता, गुरु, स्वामी और मित्र—इन चारों के यहां बिना बुलाए भी जाना चाहिए, लेकिन वहां जाने की भी एक मर्यादा होती है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी के कथन का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां हमें देखकर लोगों की आंखों में प्रेम और अपनापन न झलके, वहां चाहे कोई कितना भी प्रिय क्यों न हो, नहीं जाना चाहिए। उनके इस संदेश ने श्रोताओं को गहराई से सोचने पर विवश कर दिया।
शिव विवाह की कथा मंगलमय गीतों और भजनों के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। शिव विवाह गीतों पर श्रद्धालु झूमते, तालियां बजाते और नाचते नजर आए। कथा में भजन संगत सुप्रसिद्ध गायक रविंद्र तिवारी, नाल पर उमाशंकर, तबला पर दिनेश कुमार उर्फ भुआली तथा बैंजो पर छठू लाल द्वारा दी जा रही है। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है।
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