बक्सर । विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर जिले में मानसिक शांति, आत्म-संयम एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय कारा एवं पुलिस लाइन, बक्सर में विशेष ध्यान सत्रों का आयोजन किया गया। दोनों ही कार्यक्रम शांत, अनुशासित एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुए।
केंद्रीय कारा, बक्सर में आयोजित ध्यान सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। यह सत्र समाजसेवी, आध्यात्मिक शिक्षिका एवं आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका वर्षा पांडेय द्वारा कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बंदियों ने सहभागिता की। सत्र के दौरान बंदियों को ध्यान के महत्व, मानसिक शांति, आत्म-संयम तथा सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। वर्षा पांडेय ने कहा कि ध्यान व्यक्ति के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में संतुलन आता है।
वहीं पुलिस लाइन, बक्सर में आयोजित ध्यान सत्र में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी पंकज सिंह एवं ट्रैफिक डीएसपी संतोष सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने स्वयं भी ध्यान कर मानसिक शांति एवं एकाग्रता का अनुभव किया।
वर्षा पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस बल कर्तव्य, अनुशासन और सेवा के बीच निरंतर मानसिक दबाव में कार्य करता है, ऐसे में ध्यान मानसिक संतुलन, संवेदनशीलता एवं आंतरिक शक्ति को बनाए रखने का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि ध्यान से निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी पंकज सिंह ने कहा कि इस प्रकार के ध्यान सत्र पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, जिससे तनाव कम होता है तथा एकाग्रता और धैर्य में वृद्धि होती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय कारा कार्यक्रम में कारा उपाधीक्षक संदीप कुमार वर्मा, सहायक अधीक्षक सुधीर कुमार सौरव, सहायक अधीक्षक संजय कुमार एवं सहायक अधीक्षक रेशम कुमारी सहित अन्य कारा कर्मी उपस्थित रहे। वहीं पुलिस लाइन कार्यक्रम में जीपी सार्जेंट अमन कुमार, सार्जेंट विक्की कुमार, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, सार्जेंट राहुल कुमार एवं सार्जेंट संगीता माधव सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि बाहरी व्यवस्था और अनुशासन तभी सुदृढ़ हो सकता है, जब व्यक्ति के भीतर शांति और संतुलन हो। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आयोजित ये दोनों सत्र सहभागियों के लिए प्रेरणादायक एवं लाभकारी सिद्ध हुए।
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