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डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल लाइन निर्माण व ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन



बक्सर । डुमरांव-बलिया-डेहरी रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दानापुर स्थित डीआरएम कार्यालय पहुँचकर रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। समिति ने डुमरांव स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और बलिया-डेहरी रेल लाइन निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग उठाई।


समिति के महासचिव उमेश गुप्ता ने ज्ञापन में कहा कि डुमरांव ऐतिहासिक, पर्यटन एवं औद्योगिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन लंबे समय से यह क्षेत्र रेल सुविधाओं की उपेक्षा का शिकार रहा है। उन्होंने बताया कि नवानगर इकोनामिक ज़ोन में कई कंपनियाँ स्थापित हो चुकी हैं और कई नई परियोजनाएँ भी प्रगति पर हैं। इसके अलावा यहाँ कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की तीन वाहिनी तथा विभिन्न ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल मौजूद हैं।

गुप्ता ने कहा कि डुमरांव स्टेशन से हजारों की संख्या में विद्यार्थी, मजदूर, प्रोफेशनल व अधिकारी देशभर में अपनी सेवाएँ देते हैं, लेकिन कोरोना काल के दौरान यहां से छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और स्टेशन के राजस्व में भी गिरावट आई है।

ज्ञापन में डुमरांव स्टेशन पर पटना-कोटा एक्सप्रेस, दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (12792), संघमित्रा एक्सप्रेस (12296), पटना-मुंबई जनता एक्सप्रेस (13201), पाटलिपुत्र-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस (12242), दानापुर-पुणे एक्सप्रेस (12150), आनंद विहार जनसाधारण एक्सप्रेस (13257), कुंभ एक्सप्रेस (12370), अमृत भारत एक्सप्रेस (22361), उपासना एक्सप्रेस (12327) और सीमांचल एक्सप्रेस (12487) समेत 11 प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई।

साथ ही समिति ने आरा-रांची एक्सप्रेस और कटिहार-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस का विस्तार बक्सर तक किए जाने का सुझाव भी रखा, ताकि डुमरांव स्टेशन से मिलने वाले राजस्व में और वृद्धि हो सके।

ज्ञापन सौंपने वालों में उमेश गुप्ता रौनियार, अरविंद गुप्ता, अमरनाथ मिश्रा, धीरज शर्मा और कमलेश प्रसाद शामिल रहे।









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