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बक्सर में दो दिवसीय किसान मेले का शुभारंभ, फल-फूल और सब्जियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र


- जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी और डीडीसी निहारिका छवि ने किया उद्घाटन, आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

बक्सर । बाजार समिति रोड स्थित संयुक्त कृषि भवन परिसर में बुधवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), बक्सर की ओर से दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल, फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी एवं उप विकास आयुक्त सह आत्मा की उपाध्यक्ष निहारिका छवि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने अपने उत्कृष्ट कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान प्रदेश है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए खेती में आधुनिक कृषि उपकरणों और नई तकनीकों का समावेश जरूरी है। इससे किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने खेती में नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे किसान जरूरत के अनुसार संसाधनों का उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।


जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी ने किसानों से मेले के माध्यम से कृषि संबंधी समस्याओं को वैज्ञानिकों के सामने रखने और उनसे उचित सलाह लेने की अपील की। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि किसान मेला सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। यहां लगाए गए विभिन्न स्टॉल किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इनके माध्यम से किसान नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर के विशेषज्ञों ने रबी मौसम में उत्पादित होने वाली फसलों और उनके बेहतर प्रबंधन के संबंध में किसानों को विस्तृत जानकारी दी।

प्रदर्शनी में दिखे किसानों के उत्कृष्ट उत्पाद :

किसान मेले में आयोजित फल, फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। इसमें जिले के दूर-दराज के गांवों से आए किसानों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में सोनाचूर चावल, काला नमक चावल, सफेद मूसली, ड्रैगन फ्रूट, मोटे अनाज, शहद, मोम, हल्दी, शुगर फ्री अमरूद, गेंदा फूल, गंधराज नींबू, बटन मशरूम, जैविक उत्पाद, प्याज, केला, लतर आलू और बैंगन सहित कई उत्कृष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनका मूल्यांकन करने के बाद मेले के दूसरे दिन प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।



कई विभागों और संस्थानों ने लगाए स्टॉल :

मेले में कृषि विज्ञान केंद्र, आत्मा, पौधा संरक्षण, उद्यान, भूमि संरक्षण, मिट्टी जांच प्रयोगशाला और कृषि यांत्रिकीकरण विभाग सहित विभिन्न संस्थानों के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा मदन वाटिका नर्सरी, कुशवाहा पर्ल फार्म, डुमरांव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, हिरावी ट्रेडर्स, खाना मखाना और कुल्हड़ दही के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव के प्राचार्य, कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख, जिला उद्यान पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, उप परियोजना निदेशक, दोनों अनुमंडलों के कृषि पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के सहायक निदेशक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, आत्मा कर्मी, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे।








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