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फर्जी मुकदमे के खिलाफ सोनवर्षा थाना घेराव, हजारों माले कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन,पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने दी बड़े जनांदोलन की चेतावनी



- प्रशासन की ओर से मुकदमे को फर्जी मानने की बात सामने आने के बाद दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज

बक्सर । सोनवर्षा थाना क्षेत्र के ग्रामीणों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे के खिलाफ बुधवार को भाकपा (माले) के आह्वान पर सोनवर्षा थाना घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हजारों की संख्या में माले कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और आम नागरिकों की भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने बाजार में जोरदार जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मुकदमे को वापस लेने की मांग की।

आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से मुकदमे को फर्जी मानने की बात सामने आने को माले नेताओं ने अपनी बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन खुद मुकदमे की फर्जी प्रकृति स्वीकार कर रहा है, तो अब इसे तत्काल वापस लेने के साथ ही जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।



सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि गरीबों और निर्दोष ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से दोषी अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।

सभा की संयुक्त अध्यक्षता कॉमरेड रामदेव सिंह एवं कन्हैया महतो ने की, जबकि संचालन धर्मेंद्र सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि गरीबों, दलितों और मेहनतकश ग्रामीणों के खिलाफ पुलिसिया दमन और फर्जी मुकदमों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस मौके पर कॉमरेड नवीन कुमार (जिला सचिव), धर्मेंद्र यादव, हरेन्द्र राम, रामदेव मुखिया, राजू यादव (जिला परिषद सदस्य), संजय शर्मा, धनजी पासवान, ललन प्रसाद, वीर बहादुर पासवान, ललन राम, राजदेव सिंह, वीरेंद्र यादव, संध्या पाल, सर्वेश पांडेय, कृष्णा राम, वीरेंद्र सिंह, अलख नारायण चौधरी, कन्हैया पासवान, हरिद्वार राम, वीरन यादव, नारायण दास और रेखा जी सहित कई नेताओं ने सभा को संबोधित किया।




मामले के सूचक बृज नट और गवाह किरण नट ने भी घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा। आंदोलन के बाद पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मुलाकात कर मुकदमे की वापसी, निर्दोष ग्रामीणों को न्याय और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में धर्मेंद्र सिंह यादव, रामदेव सिंह, राजदेव सिंह, नारायण दास और जिला परिषद सदस्य राजू यादव शामिल रहे।

नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक मुकदमे तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीबों के सम्मान, न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। प्रशासन की स्वीकारोक्ति के बाद अब कार्रवाई में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









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