बक्सर । सिमरी प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षात्मक बैठक गुरुवार को प्रखंड सभागार में समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह "त्यागी" की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत में समिति अध्यक्ष ने उन अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, जो बिना सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित अधिकारियों में अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सिमरी, प्रभारी तिलक राय के हाता, चिकित्सा प्रभारी, शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक तथा जीविका के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इसके बाद पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विभागवार उठाया, जिस पर संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में विद्युत विभाग को जर्जर एवं नंगे तारों तथा क्षतिग्रस्त खंभों को जल्द बदलने का निर्देश दिया गया। वहीं सिमरी बाजार रोड पर जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 54 फीट चौड़ी सड़क की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर नाला निर्माण कराने पर जोर दिया गया। साथ ही सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया गया।
कृषि विभाग को किसानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई। बक्सर-कोईलवर तटबंध पर चल रहे निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर भी चर्चा हुई तथा इसकी निगरानी के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस समिति में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य शामिल होंगे।
जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों में राशन कम तौलने की शिकायतों पर भी समिति ने नाराजगी जताई। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में श्रम विभाग, कल्याण विभाग सहित अन्य योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।
हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने और स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक मासूम की मौत के मामले पर समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की। रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को मामले का संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भी शामिल होना था, लेकिन वे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे।
बैठक के अंत में समिति अध्यक्ष भगवान सिंह "त्यागी" ने कहा कि उनके कार्यकाल में किसी भी विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति समय-समय पर विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण करेगी तथा दोषी एवं लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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