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पूज्य संत मामाजी के प्रथम शिष्य रहे परम पूज्य श्री रामचरित दास जी महाराज हुए ब्रह्मलीन, अनुयायियों एवं संत समाज में दौड़ी शोक की लहर,आज दी जाएगी समाधि



बक्सर । भक्ति एवं आध्यात्मिक जगत से एक दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। गोस्वामी तुलसीदास जी के परम उपासक एवं द्वादश ग्रंथों के अद्भुत प्रवक्ता, पूज्य बक्सर वाले श्री मामा जी के प्रथम कृपा पात्र शिष्य परम पूज्य श्री रामचरित दास जी महाराज उर्फ महात्मा जी महाराज का बीती रात्रि लगभग 10 बजे ब्रह्मलीन हो गए। 



उन्होंने कमरपुर स्थित साकेत धाम में श्री सीताराम जी के चरणों में अंतिम श्वास ली। उनके महाप्रयाण के समय “हरे राम–हरे कृष्ण” संकीर्तन से समूचा धाम गुंजायमान रहा इसी बीच उनका गोलोकधाम गमन हुआ।

पूज्य श्री रामचरित दास जी महाराज का संपूर्ण जीवन रामभक्ति, कथा वाचन और संत सेवा को समर्पित रहा। वे सरल स्वभाव, त्याग और वैराग्य के प्रतीक संत थे। उनके प्रवचनों से असंख्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दिशा मिली और वे भक्तों के बीच अत्यंत श्रद्धा के पात्र रहे।


संत के धाम गमन की सूचना मिलते ही कमरपुर साकेत धाम सहित बक्सर एवं आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालु, शिष्यगण एवं संत समाज गमगीन हैं।

जानकारी के अनुसार, आज सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। संत के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।








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