बक्सर / डुमरांव । शहीद स्मारक पार्क, डुमरांव में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय, भावपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। इस अवसर पर नगर के नागरिक, युवा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित कर 1947 के विभाजन में शहीद हुए लाखों लोगों, विस्थापित परिवारों और उन माताओं-बहनों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने इस विभाजन के दौरान अपार पीड़ा और कष्ट सहन किए।
1947 में स्वतंत्रता के साथ ही भारत का विभाजन हुआ, जिसने केवल भूगोल और सीमाओं को ही नहीं बदला, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को पूरी तरह प्रभावित किया। लाखों लोगों ने अपने घर, संपत्ति और प्रियजनों को खो दिया। इस विभाजन के दौरान हजारों माताओं और बहनों को अपमान और अत्याचार का सामना करना पड़ा। यह भारतीय इतिहास का सबसे दर्दनाक और चुनौतीपूर्ण अध्याय माना जाता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए श्री दीपक कुमार यादव, सह-संयोजक भाजपा युवा मोर्चा, बिहार प्रदेश ने कहा:
"1947 का विभाजन केवल सीमाओं का परिवर्तन नहीं था। यह लाखों परिवारों की पीड़ा, उनके संघर्ष और उनके बलिदान का समय था। आज हम यहाँ दीप प्रज्वलित कर उन सभी शहीदों और विस्थापितों को याद कर रहे हैं जिन्होंने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी स्मृति को जीवित रखें और नई पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई से परिचित कराएँ।"
उन्होंने आगे कहा:
"आज का यह कार्यक्रम हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता की कीमत क्या थी। हमें यह समझना होगा कि देश की अखंडता और भाईचारा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। युवा पीढ़ी को यह सीखना होगा कि इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज में सहिष्णुता, एकता और मानवता की भावना को मजबूत करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।"
समाज और युवाओं के लिए संदेश:
श्री यादव ने उपस्थित लोगों और मीडिया को स्पष्ट किया कि ऐसे स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने के लिए नहीं होते, बल्कि यह हमें वर्तमान में एकजुटता और जिम्मेदारी के महत्व को समझाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास को जानना और उसकी सच्चाई को समझना हमारी जिम्मेदारी है, ताकि हम भविष्य में समान त्रासदी से बच सकें और समाज में भाईचारा, मानवता और एकता की भावना कायम रह सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में शहीदों और पीड़ितों की स्मृति को बनाए रखने और अपने कर्तव्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेंगे।
आज का यह कार्यक्रम, इन शहीदों और पीड़ित परिवारों के बलिदान को याद करने और उनकी वीरता को नमन करने का अवसर था। यह कार्यक्रम केवल स्मृति का नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में देशभक्ति, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जागृत करने का एक प्रयास भी है।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पार्क में दीप प्रज्वलन और मौन श्रद्धांजलि से हुई। उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर उन सभी शहीदों को नमन किया, जिन्होंने अपने प्राण देश और मानवता के लिए बलिदान कर दिए।
इसके बाद युवा नेता अभिषेक रंजन, संतु मित्रा और राजा यादव ने अपने संबोधन में उपस्थित नागरिकों को विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रम, उसके सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी वक्ताओं द्वारा कार्यक्रम में विशेष रूप से यह बताया गया कि किस तरह लाखों परिवारों को अपने जीवन का पुनर्निर्माण शून्य से करना पड़ा, किस प्रकार लाखों लोग अपने गांव और शहरों से विस्थापित हुए, और किस तरह माताओं और बहनों ने अपने अपमान और पीड़ा को सहते हुए परिवार को बचाया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं और पीड़ित परिवारों के प्रति सम्मान एवं सहानुभूति जताई। युवाओ ने यह संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने में योगदान देंगे। मौके पर चुनमुन प्रसाद वर्मा संजय सिंह विपिन सिंह विष्णु सोनी अभिषेक चौरसिया राहुल सूर्यवंशी विकास कुमार धीरज कुमार रिंकू कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
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