अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में महिला ने स्वस्थ शिशु को दिया जन्म, मां और नवजात को दी गई चिकित्सकीय सहायता
बक्सर । महाअष्टमी के पावन अवसर पर अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में उस समय खुशियों की किलकारी गूंज उठी, जब दशहरे पर अपने गांव लौट रही एक 25 वर्षीय महिला ने ट्रेन में स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। बक्सर रेलवे स्टेशन पर सूचना मिलते ही रेल चिकित्सक डॉ. हरिओम पाठक अपनी टीम के साथ पहुंचे और सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद मां और नवजात को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी गई।
घटना गाड़ी संख्या 19483 अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस की है। सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाला युवक अपनी पत्नी के साथ गांव लौट रहा था। दोनों ट्रेन के एस-2 कोच में सफर कर रहे थे। डीडीयू स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसकी सूचना मिलने पर बक्सर स्टेशन प्रबंधक रजत सक्सेना ने तत्काल चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था की।
सूचना मिलते ही पहुंचे चिकित्सक
ट्रेन दिन में करीब 11 बजे बक्सर स्टेशन पहुंची। स्टेशन प्रबंधक के निर्देश पर डॉ. हरिओम पाठक सहयोगियों के साथ संबंधित कोच में पहुंचे। मेडिकल टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन की बोगी में ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इसके बाद मां और नवजात को जरूरी प्रारंभिक चिकित्सकीय सहायता दी गई।
घर जाने की इच्छा जताने पर दी गई सलाह
प्रसव के बाद चिकित्सक ने दंपती को बेहतर देखभाल और निगरानी के लिए बक्सर में उतरकर आगे का इलाज कराने की सलाह दी। हालांकि, दंपती ने घर जाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह और सहायता देकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान ट्रेन बक्सर स्टेशन पर करीब आधे घंटे तक रुकी रही।
डॉ. हरिओम पाठक ने बताया कि रेलवे के नियमानुसार ट्रेन में जन्म लेने वाले शिशु को वयस्क होने तक रेल यात्रा के लिए पास दिए जाने का प्रावधान है। महाअष्टमी के दिन रेलवे चिकित्सक और अधिकारियों की तत्परता से एक परिवार के सफर में खुशियों का यादगार पल जुड़ गया।
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