चौसा में शहीद की प्रतिमा स्थापित करने की भी उठी मांग, नगर पंचायत ने बोर्ड की बैठक में पारित किया था प्रस्ताव
बक्सर । ऑपरेशन सिंदूर में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए चौसा के वीर सपूत हवलदार सुनील कुमार सिंह की स्मृति को स्थायी पहचान देने की पहल शुरू हो गई है। बुधवार को चौसा में उनकी स्मृति में बनने वाले द्वार का शिलान्यास सांसद सुधाकर सिंह ने किया। इस दौरान सांसद ने शहीदों के सम्मान, उनके परिवारों को सहयोग देने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि चौसा की धरती ऐतिहासिक रूप से वीरों और शहीदों की भूमि रही है। शहीदों के परिवारों को संबल देना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
शहादत और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी : सांसद
सांसद सुधाकर सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों की शहादत को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में शहादतों को स्वीकार करने में आनाकानी की गई और संसद में बहस के बाद ही इस विषय को मान्यता मिली। उन्होंने पुलवामा जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सुरक्षा में हुई चूकों और हमलों की जांच से जुड़े सवाल भी उठाए।
सांसद ने चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका फिर से सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक बदलाव की मांग का समर्थन किया।
बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था प्रस्ताव, प्रतिमा लगाने की भी तैयारी
नगर पंचायत चौसा की मुख्य पार्षद किरण देवी ने बताया कि दिशा की बैठक में शहीद सुनील सिंह की स्मृति में प्रवेश द्वार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। सांसद के सहयोग और पहल से अब यह योजना धरातल पर उतर रही है। उन्होंने स्मृति द्वार के निर्माण के बाद शहीद की प्रतिमा स्थापित कराने की भी मांग की।
कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने बताया कि नगर पंचायत की सशक्त स्थायी समिति और सामान्य बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत शहीद सुनील सिंह द्वार के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहीद के बलिदान को उचित सम्मान मिल सके।
चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव ने कहा कि देश की रक्षा में जवानों का त्याग और बलिदान अतुलनीय है। उनके सम्मान को बनाए रखना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि प्राक्कलन तैयार करने, उपयुक्त स्थल चिह्नित करने और शहीद के माता-पिता व पत्नी से विचार-विमर्श करने की प्रक्रिया में समय लगा। अब निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सांसद के निर्देश के बाद अंचलाधिकारी के साथ समन्वय कर शहीद की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन चिह्नित करने की पहल की जाएगी।
कार्यक्रम में सदर विधायक आनन्द मिश्रा के प्रतिनिधि प्रेमप्रकाश तिवारी, नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी, कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। स्मृति द्वार के निर्माण की पहल के साथ ही अब शहीद की प्रतिमा स्थापित होने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
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