बक्सर । फरक्का जल संधि के पुनर्विचार और बिहार के हितों को लेकर बक्सर से शुरू हुए जदयू के ‘नीतीश संवाद’ अभियान के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर अहिरौली मोड़ के समीप युवा जदयू नेता मार्कण्डेय पटेल के नेतृत्व में युवाओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया।
सैकड़ों की संख्या में जुटे युवाओं ने फूल-मालाओं और अंगवस्त्र से संजय झा एवं उमेश कुशवाहा को सम्मानित किया। स्वागत के दौरान एनएच-922 पर जदयू कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ‘नीतीश संवाद’ के लिए बक्सर पहुंचे पार्टी के शीर्ष नेताओं के स्वागत को लेकर युवा जदयू नेता मार्कण्डेय पटेल द्वारा की गई तैयारियों की भी क्षेत्र में खूब चर्चा रही।
इस मौके पर मार्कण्डेय पटेल ने कहा कि बक्सर से ‘नीतीश संवाद’ अभियान की शुरुआत बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। फरक्का जल संधि के 30 वर्ष पूरे होने से पहले बिहार के जल अधिकार, किसानों, सिंचाई व्यवस्था और बाढ़ की समस्या से जुड़े सवालों को जनता के बीच ले जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए समझौते में बिहार के हितों को जिस मजबूती से उठाया जाना चाहिए था, वह नहीं हो सका और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू बिहार के हितों को लेकर व्यापक जनसंवाद शुरू कर रहा है।
उन्होंने कहा कि गंगा में बढ़ती गाद, गर्मी के दिनों में पानी की कमी और बरसात के दौरान बाढ़ की समस्या से बिहार के लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। ऐसे में फरक्का जल संधि की शर्तों पर पुनर्विचार करते हुए बिहार के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मार्कण्डेय पटेल ने कहा कि युवा जदयू इस अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगा।
स्वागत कार्यक्रम में महुआर पंचायत के मुखिया गुड्डू सिंह, जदयू नेता राघवेंद्र उज्जैन, जदयू प्रदेश नेता रोहित ओझा, युवा खरवार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार, युवा खरवार महासभा के जिलाध्यक्ष परमानंद खरवार, अर्जुनपुर पंचायत के मुखिया विश्वनाथ पासवान सहित दर्जनों जदयू नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि संजय झा ‘नीतीश संवाद’ अभियान की शुरुआत करने शनिवार को बक्सर पहुंचे थे। बक्सर आगमन के दौरान ब्रह्मपुर, ढकाइच, चुरामनपुर, अहिरौली मोड़ और गोलंबर सहित कई स्थानों पर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने रामरेखा घाट स्थित रामेश्वरनाथ मंदिर में मत्था टेका और सोमेश्वर स्थान त्रिमुहानी पहुंचकर गंगा तट का निरीक्षण किया। बाद में बगीचा उत्सव लॉन में आयोजित ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने फरक्का जल संधि के पुनर्विचार और बिहार के हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
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