बक्सर । जिले में इन दिनों विकास की ऐसी रफ्तार देखने को मिल रही है, जिसे देखकर आम लोग भी दंग हैं। जिस सड़क की मरम्मत के लिए वर्षों से इंतजार था, वह अचानक कुछ घंटों में चकाचक हो जा रही है। जिन नालों और दीवारों पर लंबे समय से किसी की नजर नहीं पड़ी, वहां भी रात-दिन सफाई और रंग-रोगन का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
सबसे दिलचस्प तस्वीर उन रास्तों की है, जिनसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गुजरने की संभावना जताई जा रही है। सड़कें कालीकरण से चमक उठी हैं और कई गलियां ऐसी नजर आने लगी हैं, मानो अभी-अभी किसी बड़े आयोजन के लिए तैयार की गई हों। एनएच-922 से सटे मोहल्लों की सड़कें भी इस ‘वीआईपी विकास’ से अछूती नहीं रहीं।
दरअसल, 23 सितंबर को वामन द्वादशी के अवसर पर प्रस्तावित भगवान वामन की रथयात्रा में मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना है। इसे लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में दिन-रात जुटा है। मुख्यमंत्री के संभावित मार्गों पर साफ-सफाई, पेंटिंग और सड़क निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है।
विकास की इस तूफानी रफ्तार ने शहरवासियों के बीच एक दिलचस्प सवाल भी खड़ा कर दिया है—अगर मुख्यमंत्री के आने की खबर से वर्षों का काम कुछ घंटों में हो सकता है, तो फिर आम दिनों में बक्सर की सड़कें इतनी ‘बीमार’ क्यों रहती हैं?
अब शहर में मजाक-मजाक में लोग कह रहे हैं—“काश! मुख्यमंत्री हर महीने बक्सर आते, शायद हर महीने शहर की तस्वीर भी ऐसी ही बदलती।”
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