बक्सर । जिले के ऐतिहासिक तुलसी आश्रम, रघुनाथपुर में प्रतिवर्ष राजकीय स्तर पर ‘तुलसी महोत्सव’ आयोजित कराने की पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश कुमार ओझा ने बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी से मुलाकात कर महोत्सव के आयोजन को स्थायी रूप से जारी रखने के लिए विभागीय स्वीकृति दिलाने का अनुरोध किया। साथ ही तुलसी आश्रम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी।
मुलाकात के दौरान मंत्री ने मामले में सकारात्मक पहल करते हुए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई और अनुशंसा का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन भेज चुका है विस्तृत प्रतिवेदन
शैलेश ओझा ने मंत्री को बताया कि तुलसी महोत्सव के आयोजन को लेकर बक्सर जिला प्रशासन की ओर से कला एवं संस्कृति विभाग को अनुशंसा भेजी जा चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ब्रह्मपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से महोत्सव की रूपरेखा, प्रशासनिक व्यवस्था, कलाकारों की उपलब्धता तथा तुलसी आश्रम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कराया गया है।
प्रतिवेदन में तीन दिवसीय महोत्सव के आयोजन के लिए करीब 14 लाख रुपये के अनुमानित खर्च का प्रस्ताव भी शामिल है।
रामकथा, तुलसी साहित्य और लोक संस्कृति का होगा संगम
प्रस्तावित तीन दिवसीय महोत्सव में रामकथा, तुलसी साहित्य पर परिचर्चा, कवि गोष्ठी, रामचरितमानस आधारित नृत्य-नाटिका तथा लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। देश-प्रदेश के प्रसिद्ध रामकथा वाचकों, विद्वानों और कवियों को आमंत्रित करने के साथ स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को भी मंच देने का प्रस्ताव है।
तुलसीदास की परंपरा से जुड़ा है आश्रम
शैलेश ओझा ने कहा कि तुलसी आश्रम गोस्वामी तुलसीदास से जुड़ी धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार तुलसीदास के रघुनाथपुर प्रवास के दौरान रामचरितमानस के कुछ अंशों की रचना से इस स्थल का संबंध माना जाता है। उन्होंने बताया कि शाहाबाद गजेटियर में भी तुलसीदास के रघुनाथपुर प्रवास का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने कहा कि राजकीय स्तर पर तुलसी महोत्सव के नियमित आयोजन से बक्सर की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच मिल सकता है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन, स्थानीय कलाकारों तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
आश्रम के समग्र विकास की भी उठी मांग
मुलाकात के दौरान तुलसी आश्रम परिसर, तुलसी सरोवर और प्राचीन मंदिर के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के साथ सड़क, प्रकाश, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास की मांग भी रखी गई। शैलेश ओझा ने संबंधित विभागों के समन्वय से आश्रम के समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया।
................. ................. ............... ..............
Send us news at: buxaronlinenews@gmail.com
ख़बरें भेजें और हम पहुंचाएंगे,
आपकी खबर को सही जगह तक...
















0 Comments