आरा । हाल ही में आयोजित AI इंडिया समिट में बिहार से प्रकाशित चर्चित लेख “AI की आंधी और बिहारी युवा: अवसर या पिछड़ने का खतरा” तथा “अव्यवस्था से विकास की ओर: वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के परिवर्तनकारी कुलपति डॉ. प्रो. शैलेन्द्र चतुर्वेदी” की गूंज अब विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंच गई है।
इसी संदर्भ में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित एक शैक्षणिक संवाद कार्यक्रम में कुलपति डॉ. प्रो. शैलेन्द्र चतुर्वेदी और राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. कुंदन सिंह की उपस्थिति में रिसर्च स्कॉलर ज्योति ने एआई के प्रभाव और संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे।
स्कॉलर ज्योति ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक संरचनाओं को प्रभावित करने वाली क्रांतिकारी शक्ति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि युवा समय रहते एआई के ज्ञान और कौशल से स्वयं को लैस नहीं करते हैं, तो वे प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ सकते हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय में नियमित एआई क्लास शुरू करने की मांग रखते हुए कहा कि इससे छात्र-छात्राएं वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।
कुलपति डॉ. प्रो. शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इस दिशा में ठोस पहल करने का आश्वासन देते हुए उन्होंने ज्योति को एक शैक्षणिक जिम्मेदारी भी सौंपी।
जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए रिसर्च स्कॉलर ज्योति ने कहा कि वे अपनी लेखनी और वैचारिक प्रयासों के माध्यम से कुलपति द्वारा व्यक्त विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी। विश्वविद्यालय में आयोजित इस संवाद के बाद एआई आधारित शैक्षणिक पहल को लेकर छात्रों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
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