बक्सर । बिहार के एडीजी कुंदन कृष्णन द्वारा किसानों पर दिए गए विवादित बयान ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को बक्सर में उनके बयान की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि बिहार की पुलिस व्यवस्था खुद अपराध को बढ़ावा दे रही है, और अब किसानों को बदनाम कर अपनी नाकामियों को ढंकने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि कुंदन कृष्णन का बयान न केवल किसानों का अपमान है, बल्कि यह प्रशासन की जनविरोधी मानसिकता को भी उजागर करता है। मंच से वक्ताओं ने कहा कि जब आम लोग महामारी के समय घरों में छिपे थे, तब किसान दिन-रात खेतों में मेहनत कर देशवासियों का पेट भर रहे थे। ऐसे अन्नदाता को "अपराधी" कहना बेहद निंदनीय है।
सभा में नेता दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह, सत्येंद्र सिंह, नंदकुमार राम, शर्मा तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिहार में पुलिस थानों की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। थाना परिसर दलालों, माफियाओं और उगाही करने वालों से भरे रहते हैं। आम आदमी की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि थानों में पोस्टिंग जाति और पैसों के आधार पर होती है, जिससे निष्पक्षता और न्याय की भावना समाप्त हो चुकी है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कहा कि प्रशासनिक विफलता और पुलिस की भ्रष्ट संरचना को छुपाने के लिए अब किसानों को अपराधी ठहराया जा रहा है। यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि आने वाले समय में जनता से सरकार को कड़ा जवाब भी मिलेगा।
किसान नेताओं ने कुंदन कृष्णन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो राज्य भर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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