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लॉकडाउन के दौरान शिशुओं के टीकाकरण पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव : जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी- district officer




(बक्सर ऑनलाइन न्यूज़):- कोरोना जैसे संक्रामक रोग के खिलाफ टीकाकरण की जरूरत अब किसी से भी छिपी हुई नहीं है। किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ रखने के लिए सम्पूर्ण टीकाकरण जरूरी है। खास तौर पर नवजातों में टीकाकरण बचपन में होने वाली कई जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावशाली एवं सुरक्षित तरीका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बात की पुष्टि की है की सम्पूर्ण टीकाकरण शिशुओं में रोगप्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बना कर पोलियो, गलघोंटू, काली खांसी , टिटनेस, इंफ्लुएंज़ा, मिसेल्स जैसी 20 गंभीर व जानलेवा रोगों से बचाकर रखता है। इसलिए संक्रमण काल को उनके टीकाकरण के आड़े ना आने दे और सावधानी के साथ स्वयं और शिशुओं को संक्रमित होने से बचाते हुये उनका टीकाकरण अवश्य करवाएं।
लॉकडाउन के कारण नियमित टीकाकरण नहीं होगा प्रभावित : 
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने कहा भले ही आज से पूरे राज्य में 10 दिनों के लिए फिर एक बार सम्पूर्ण लॉकडाउन शुरू हो गया है। लेकिन इससे जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये जा रहे किसी भी जरूरी सेवा में कोई बदलाव या कमी नहीं होगी। कोरोना टीकाकरण और अन्य सेवाओं के साथ साथ शिशुओं का नियमित टीकाकरण भी बिना किसी व्यवधान के पूर्वत चलता रहेगा। इसके लिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर या आशा कार्यकर्ता की मदद ली जा सकती है अथवा माताएं नजदीकी स्वास्थ्य पर आ कर शिशुओं को टीका दिलवा सकती है। 
शिशु को लेकर निकलें लेकिन रहें सतर्क : 
डॉ. सिंह आगे बताते हैं मौजूदा स्थिति को देखते हुये माताएं जब बच्चे को लेकर टीका दिलवाने निकलें तो उन्हें संक्रमण से स्वयं और शिशु को बचाने के लिए काफी सतर्क रहने कि जरूरत है। इसलिए:-
शिशु को किसी अन्य व्यक्ति या बीमार और सर्दी खांसी से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आने देने से बचें, 
गोद में लेने से पहले हाथ को अच्छी तरह साबुन या सेनीटाइजर से जीवाणु मुक्त करें।
बिना मास्क बाहर ना निकालें और स्वयं भी मास्क पहनें 
सतहों को या किसी चीज को छूने से परहेज करें
पानी और छाता साथ रखें ताकि धूप से बच्चे को परेशानी न हो 
बाहर से आए व्यक्ति से बच्चे को दूर रखें। 
बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए माताओं द्वारा ध्यान देने कि कुछ बातें: 
स्तनपान अवश्य कराएं, यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। हमेशा हाथों को साबुन पानी  से अच्छी तरह धोकर साफ करें, तभी स्तनपान कराएं।
नवजात की साफ सफाई पर हमेशा ध्यान दें इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण की आशंका नहीं रहती है। नैपकिन को समय समय पर बदलते रहें। अधिक देर तक नैपकिन के गीला रहने से उसे संक्रमण हो सकता है। सूती कपड़ों का इस्तेमाल बेहतर है
सुबह कि गुनगुनी धूप में शिशु को लेकर बैठना भी उनके इमम्युनिटी के लिए बढ़िया हैं। इससे ज्वाइंडिस से बचाव और विटामिन-डी मिलता है। यह हड्डियों के विकास और वजन व लंबाई के लिए जरूरी है। 
लॉकडाउन लग जाने से घरों से बार बार निकलना संभव नहीं इसलिए आपात परिस्थितियों के लिए शिशु रोग विशेसज्ञ, नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकरता और आशा कार्यकर्ता का नंबर अपने पास रखें। साथ ही, चिकित्सक से परामर्श कर नवजात के लिए कुछ आवश्यक दवाई अपने पास रखें।


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