बक्सर । हेरिटेज स्कूल की अर्जुनपुर एवं चरित्रवन दोनों शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों ने राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप धारण कर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों और कर्मों को अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियों के जरिए श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के साथ प्रेम, मित्रता, करुणा, साहस, कर्तव्यबोध, सत्य और धर्म जैसे जीवन-मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली। नन्हे-मुन्ने बच्चों के राधा-कृष्ण स्वरूप ने सभी का मन मोह लिया। पूरा विद्यालय परिसर श्रीकृष्ण भक्ति, संगीत और उल्लास से सराबोर रहा।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन से प्रेरणा लेकर एक बेहतर, संवेदनशील और जिम्मेदार समाज के निर्माण का संदेश देना भी था।
विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को सत्य, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर दृढ़ रहना चाहिए। उन्होंने बच्चों की सुंदर प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।
आचार्या डॉ. सुषमा कुमारी ने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व प्रेम, करुणा, ज्ञान, कर्म और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत समन्वय है। बच्चों द्वारा राधा-कृष्ण के स्वरूप में की गई प्रस्तुतियों के माध्यम से उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और अच्छे संस्कारों का विकास होता है।
विद्यालय के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार पाठक ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के कर्मयोग और जीवन-मूल्यों को अपने आचरण में उतारने की प्रेरणा लेने का पर्व है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का सार्थक प्रयास किया है कि प्रेम हो तो राधा-कृष्ण जैसा, मित्रता हो तो कृष्ण-सुदामा जैसी और कर्तव्य के प्रति समर्पण हो तो श्रीकृष्ण जैसा।
उन्होंने कहा कि हेरिटेज स्कूल का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कृति, संस्कार, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से जोड़ना है। ऐसे आयोजन विद्यालय की इसी सोच को साकार करने का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम ने बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और भावनात्मक अभिव्यक्ति को एक सुंदर मंच प्रदान किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने संदेश दिया कि “श्रीकृष्ण केवल आराध्य नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले महान आदर्श हैं।”
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