बक्सर । बक्सर में महिला से सामूहिक दुष्कर्म और घटना से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम), बक्सर उदय प्रताप सिंह की अदालत ने दीपक राम और कन्हैया गोंड को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(D) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में उपलब्ध कराने के लिए संबंधित प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र के पतेलवा गांव निवासी करीब 40 वर्षीय महिला 14 सितंबर 2023 की शाम पारंपरिक उपचार कराने के लिए सह-ग्रामीण दीपक राम के यहां गई थी। वहां उसका रिश्तेदार कन्हैया गोंड भी मौजूद था। आरोप है कि उपचार के दौरान महिला को कोई पदार्थ दिए जाने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
अभियोजन के मुताबिक, महिला ने अदालत में अपने बयान में बताया कि रात करीब दो बजे होश आने पर उसने दोनों आरोपियों को धक्का दिया और वहां से भागकर अपने घर पहुंची। इसके बाद उसने पति को घटना की जानकारी दी।
मामले में यह भी आरोप था कि घटना से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गईं। इससे पीड़िता को सामाजिक अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला ने 17 सितंबर 2023 को घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(D) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(A) के तहत आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से रक्त और वीर्य के नमूनों समेत अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष प्रदर्श के रूप में प्रस्तुत किया गया।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर शेष सजा भुगतने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया गया।
अदालत ने दोषियों को फैसले के खिलाफ अपील करने के अधिकार की भी जानकारी दी। साथ ही आर्थिक रूप से असमर्थ होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का प्रावधान बताया।
................. ................. ............... ..............
Send us news at: buxaronlinenews@gmail.com
ख़बरें भेजें और हम पहुंचाएंगे,
आपकी खबर को सही जगह तक...
















0 Comments