पटना । आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार की आपूर्ति के लिए जारी 15 वर्षीय निविदा की शर्तों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरी निविदा प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निविदा में शामिल कई शर्तें कुछ विशेष कंपनियों की पूर्व निर्धारित योग्यताओं से असामान्य रूप से मेल खाती हैं। तकनीकी मूल्यांकन को 80 प्रतिशत महत्व दिए जाने के साथ ही पिछले पांच वर्षों के विशिष्ट अनुभव, कम से कम 100 करोड़ रुपये के औसत वार्षिक कारोबार, प्रतिवर्ष 15 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति तथा कई राज्यों में आपूर्ति के अनुभव जैसी शर्तों पर सवाल खड़े किए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन शर्तों की निष्पक्षता और आवश्यकता की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए। पत्र में निविदा तैयार करने से लेकर उसके प्रकाशन तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की टिप्पणियों, बैठकों के विवरण और संभावित बोलीदाताओं के साथ हुए किसी भी प्रकार के संवाद की भी जांच की मांग उठाई गई है।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित 15 वर्षीय व्यवस्था का कुल वित्तीय दायित्व लगभग 20,250 करोड़ रुपये तक हो सकता है। ऐसे में सार्वजनिक धन और आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निविदा की आगे की कार्रवाई पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक बताया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निविदा की शर्तें निर्धारित की गई हैं, तो वर्तमान निविदा को निरस्त किया जाए। इसके बाद एक स्वतंत्र समिति के माध्यम से पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष तरीके से नई निविदा जारी करने की मांग की गई है।
................. ................. ............... ..............
Send us news at: buxaronlinenews@gmail.com
ख़बरें भेजें और हम पहुंचाएंगे,
आपकी खबर को सही जगह तक...



















0 Comments