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चंद्रशेखर को भारत रत्न देने की उठी मांग, जन्मशताब्दी समारोह में उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प


बक्सर । पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी के अवसर पर रविवार को शहर स्थित आकर्षक हेरिटेज रानी कोठी में भव्य चंद्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह सह विचार संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक जगत के प्रतिनिधियों ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और राजनीतिक दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार से स्वर्गीय चंद्रशेखर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के प्रतिनिधि रहे कुंवर कमलेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए राजनीति करने वाले नेता थे। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष, सादगी, वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश सिंह, डॉ. शशांक शेखर और राणा प्रताप ने संयुक्त रूप से किया।

चंद्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह के राष्ट्रीय संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि आज जरूरत है कि नई पीढ़ी को चंद्रशेखर के विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए चंद्रशेखर ने निरंतर संघर्ष किया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री रमाशंकर सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर राष्ट्रीय राजनीति के ऐसे नेता थे जिन्होंने हमेशा सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया। कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी.आर. पाटिल ने कहा कि उनकी सोच किसी एक दल या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे पूरे देश के नेता थे।




प्रख्यात किसान नेता डॉ. सुनीलम ने कहा कि किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज को सबसे मजबूती से उठाने वालों में चंद्रशेखर अग्रणी थे। उत्तर प्रदेश पीसीएफ के चेयरमैन वाल्मीकि त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को हमेशा प्राथमिकता दी।

बिहार सरकार के विधि एवं उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि चंद्रशेखर के आदर्श आज भी भारतीय राजनीति के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चंद्रशेखर बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे और उनके विचार, दूरदृष्टि तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

कलकत्ता से आए संतोष पाठक ने कहा कि चंद्रशेखर जमीनी नेता थे, जिन्होंने हमेशा गरीबों, किसानों, मजदूरों और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में चंद्रशेखर का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। वही अमरेंद्र राजेश ने कहा कि चंद्रशेखर जी को आज तक भारत रत्न नही दिया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है

जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष ओमकार सिंह, बिहार राज्य बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य चंदन कुमार सिंह, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी सहित कई वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर की राजनीति समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित थी और उनका सार्वजनिक जीवन शुचिता एवं मूल्यों का आदर्श था।





कार्यक्रम में गोविंदाचार्य, गुप्तेश्वरानंद महाराज, स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी तथा युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग दोहराई।

समारोह में बलिया से 'सच बात चंद्रशेखर' के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, अशोक पाठक, दिग्विजय सिंह, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय चंद्रशेखर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन रविराज और राघवेन्द्र उज्जैन ने संयुक्त रूप से किया।






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