बक्सर । जनता दल (यूनाइटेड) के बक्सर जिलाध्यक्ष अशोक सिंह यादव ने डेलिगेट चयन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राजद जिला कार्यसमिति सदस्य ब्रह्मपुर के कमला यादव के अलावा किसी अन्य राजद नेता को उन्होंने डेलिगेट नहीं बनाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संजय यादव, अक्षय लाल रावत, हरिराम यादव, वीरेंद्र यादव, संतोष यादव और गौरी शंकर यादव को डेलिगेट बनाए जाने की बातें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इन लोगों का जदयू से कोई संबंध नहीं है। अशोक यादव ने बताया कि कमला यादव को उन्होंने पूर्व में जदयू की सदस्यता दिलाई थी, इसी कारण उन्हें डेलिगेट बनाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी गुट उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहा है। साथ ही चेतावनी दी कि उनके खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
गौरतलब है कि बक्सर में जदयू जिलाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विवाद गहराता गया। कई दावेदारों ने अशोक यादव पर आरोप लगाया कि उन्हें चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने से रोका गया और निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया गया। इसके अतिरिक्त यह भी आरोप लगा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े नेताओं को जदयू के डेलिगेट बनाकर पार्टी की साख पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया।
हालांकि जिला स्तर पर चुनाव संपन्न होने के बाद अशोक यादव पुनः निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुन लिए गए, लेकिन विरोधी गुट की शिकायत प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचने के बाद बक्सर जिलाध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार होली के बाद 5 या 6 मार्च तक इस मामले में अंतिम निर्णय आने की संभावना है। इस पूरे घटनाक्रम ने बक्सर की सियासत को गरमा दिया है और अब सबकी नजरें प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं।
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